• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar

InHindiHelp

बेस्ट हिंदी ब्लॉग

  • Paise Kaise Kamaye
  • Beginners Guide
  • WordPress
    • WordpPress Plugins
    • WordPress Guide
    • WordpPress Themes
  • How To
  • Best Apps
  • Education
  • Lekh
  • SEO Tips Hindi
Home » Uttarakhand Ki Jansankhya Kitni Hai

Uttarakhand Ki Jansankhya Kitni Hai

August 30, 2024 by Antesh Singh Leave a Comment

Advertisements

इस पोस्ट में हम उत्तराखंड की जनसंख्या के विभिन्न पहलुओं पर वित्स्तार से चर्चा करेंगे। इसमें उत्तराखंड की जनसंख्या के ऐतिहासिक विकास, जनसंख्या वृद्धि दर, जनसांख्यिकी, सामाजिक संरचना, और भविष्य की जनसंख्या प्रवृत्तियाँ शामिल होंगी।

कंटेंट की टॉपिक

  • 1. उत्तराखंड की जनसंख्या का ऐतिहासिक परिदृश्य
  • 2. जनसंख्या वृद्धि दर और घनत्व
  • 3. जनसांख्यिकी और सामाजिक संरचना
  • 4. शिक्षा और साक्षरता
  • 5. स्वास्थ्य और जीवन स्तर
  • 6. आवास और जनसंख्या वितरण
  • 7. भविष्य की जनसंख्या प्रवृत्तियाँ
  • निष्कर्ष

1. उत्तराखंड की जनसंख्या का ऐतिहासिक परिदृश्य

उत्तराखंड, जिसे 2000 में उत्तरांचल के नाम से जाना जाता था, भारत के उत्तर में स्थित एक राज्य है। उत्तराखंड का गठन 9 नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश से अलग होकर किया गया था। राज्य की जनसंख्या में समय के साथ विभिन्न परिवर्तन हुए हैं, जिनमें जनसंख्या वृद्धि दर, जनसंख्या घनत्व और जनसंख्या वितरण शामिल हैं।

उत्तराखंड की जनसंख्या की ऐतिहासिक वृद्धि:

  1. 1991 की जनगणना: उत्तराखंड की पूर्ववर्ती स्थिति में, उत्तर प्रदेश के अंतर्गत उत्तरांचल क्षेत्र की जनसंख्या 2.05 करोड़ थी।
  2. 2001 की जनगणना: उत्तरांचल राज्य की जनसंख्या 3.48 करोड़ हो गई, जो 2000 में उत्तराखंड के गठन के बाद का पहला आंकड़ा था।
  3. 2011 की जनगणना: उत्तराखंड की जनसंख्या 10.11 मिलियन (1.01 करोड़) थी।

2. जनसंख्या वृद्धि दर और घनत्व

वर्तमान जनसंख्या:

  • 2021 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड की जनसंख्या लगभग 11.24 मिलियन (1.12 करोड़) है।

जनसंख्या वृद्धि दर:

उत्तराखंड की जनसंख्या वृद्धि दर पिछले कुछ दशकों में विविध रही है। 1991 से 2001 के बीच जनसंख्या वृद्धि दर 20.65% थी। 2001 से 2011 के बीच, वृद्धि दर 18.81% रही। इस दर में कुछ कमी देखी गई है, लेकिन जनसंख्या वृद्धि अब भी जारी है।

Advertisements

जनसंख्या घनत्व:

उत्तराखंड का जनसंख्या घनत्व 2011 की जनगणना के अनुसार 189 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर था। यह आंकड़ा पूरे भारत की जनसंख्या घनत्व (382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर) की तुलना में काफी कम है, जो राज्य के ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों की जनसंख्या के वितरण को दर्शाता है।

3. जनसांख्यिकी और सामाजिक संरचना

लिंग अनुपात:

उत्तराखंड का लिंग अनुपात 2011 की जनगणना के अनुसार 963 महिलाओं प्रति 1000 पुरुषों का है। यह भारत के राष्ट्रीय औसत (940 महिलाओं प्रति 1000 पुरुषों) से बेहतर है, जो दर्शाता है कि उत्तराखंड में महिला साक्षरता और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहतर है।

आयु संरचना:

Advertisements

उत्तराखंड की आयु संरचना में प्रमुख रूप से युवा और कार्यशील जनसंख्या की भागीदारी है। 0-14 वर्ष की आयु वर्ग की जनसंख्या लगभग 33% है, जो यह दर्शाता है कि राज्य में युवा जनसंख्या की एक महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। 15-64 वर्ष की आयु वर्ग की जनसंख्या 63% है, और 65 वर्ष और उससे ऊपर की आयु वर्ग की जनसंख्या लगभग 4% है।

धर्म और जाति:

उत्तराखंड की धर्म और जाति की संरचना में हिंदू धर्म प्रमुख है, जो राज्य की जनसंख्या का लगभग 88% है। मुसलमान, सिख, और ईसाई जैसे अन्य धर्मों के अनुयायी भी राज्य में रहते हैं, जिनकी कुल जनसंख्या 12% के आसपास है। जाति और जनजाति के आधार पर, उत्तराखंड में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या क्रमशः 19% और 3% है।

भाषाएँ:

उत्तराखंड की प्रमुख भाषाएँ हिंदी और उत्तराखंडी हैं। हिंदी राज्य की आधिकारिक भाषा है, जबकि उत्तराखंडी स्थानीय भाषा है जो क्षेत्रीय पहचान को दर्शाती है। इसके अतिरिक्त, कुमाउनी, गढ़वाली, और अन्य स्थानीय बोलियाँ भी प्रचलित हैं।

4. शिक्षा और साक्षरता

साक्षरता दर:

उत्तराखंड की साक्षरता दर 2011 की जनगणना के अनुसार 78.82% है। यह राष्ट्रीय औसत (74.04%) से बेहतर है। पुरुष साक्षरता दर 88.33% है, जबकि महिला साक्षरता दर 70.70% है।

शिक्षा के स्तर:

उत्तराखंड में शिक्षा की स्थिति में सुधार हुआ है, और राज्य में विभिन्न सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों, और विश्वविद्यालयों की उपलब्धता बढ़ी है। राज्य में प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में ड्रग एंड फार्मास्यूटिकल्स टेक्नोलॉजी (DPT), उत्तराखंड राज्य विश्वविद्यालय और आईआईटी रुड़की शामिल हैं।

5. स्वास्थ्य और जीवन स्तर

स्वास्थ्य सेवाएँ:

उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति में सुधार हुआ है, और राज्य में विभिन्न सरकारी और निजी अस्पताल, क्लीनिक और स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार के लिए विभिन्न योजनाएँ और कार्यक्रम लागू किए हैं, जिनमें टीकाकरण, मातृ और शिशु स्वास्थ्य, और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।

Advertisements

जीवन स्तर:

उत्तराखंड का जीवन स्तर अन्य भारतीय राज्यों की तुलना में मध्यम है। पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता में कमी हो सकती है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में जीवन स्तर अपेक्षाकृत उच्च है।

6. आवास और जनसंख्या वितरण

ग्रामीण बनाम शहरी जनसंख्या:

उत्तराखंड की जनसंख्या का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करता है। 2011 की जनगणना के अनुसार, राज्य की 78% जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में और 22% शहरी क्षेत्रों में निवास करती है।

अवसंरचना और विकास:

उत्तराखंड में बुनियादी ढाँचे में सुधार हुआ है, और राज्य सरकार ने विभिन्न विकासात्मक योजनाओं के माध्यम से अवसंरचना, आवास, और सार्वजनिक सेवाओं के क्षेत्र में निवेश किया है।

7. भविष्य की जनसंख्या प्रवृत्तियाँ

उत्तराखंड की जनसंख्या में भविष्य में वृद्धि की संभावना है, लेकिन वृद्धि दर में कमी आ सकती है। सरकारी योजनाएँ और कार्यक्रम, जैसे कि परिवार नियोजन और स्वास्थ्य देखभाल, जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने में सहायक हो सकते हैं।

आर्थिक और सामाजिक नीतियाँ:

राज्य सरकार द्वारा लागू की गई आर्थिक और सामाजिक नीतियाँ, जैसे कि औद्योगिक विकास, शिक्षा, और स्वास्थ्य सेवाएँ, राज्य की जनसंख्या की भलाई और जीवन स्तर में सुधार करने में सहायक होंगी।

विकास की योजना:

उत्तराखंड की विकास योजनाओं में इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, और आर्थिक विकास शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से राज्य की जनसंख्या की जीवन गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा और जनसंख्या वृद्धि की प्रवृत्तियों को संतुलित किया जाएगा।

Advertisements

निष्कर्ष

उत्तराखंड की जनसंख्या की जानकारी विभिन्न पहलुओं पर आधारित है, जिसमें ऐतिहासिक वृद्धि, जनसांख्यिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य, और भविष्य की प्रवृत्तियाँ शामिल हैं। राज्य की जनसंख्या में वृद्धि जारी है, और इसके साथ ही सामाजिक और आर्थिक सुधार भी हो रहे हैं। उत्तराखंड की जनसंख्या के विकास के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम और योजनाएँ भविष्य में राज्य की समृद्धि और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

Filed Under: Education Tagged With: Education

About Antesh Singh

Antesh Singh एक फुल टाइम ब्लॉगर है जो बैंकिंग, आधार कार्ड और और टेक रिलेटेड आर्टिकल लिखना पसंद करते है।

Reader Interactions

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Primary Sidebar

हाल ही की पोस्ट

  • 11.49 लाख वाली टाटा सिएरा और 25 लाख वाली में कितना फर्क? जानिए ए टू जेड सबकुछ
  • ⭐ Tata Sierra 2025 – पूरी जानकारी: फीचर्स, डिजाइन, इंजन, EV वेरिएंट, लॉन्च डेट और कीमत
  • Tata Sierra EV 2025 – फीचर्स, रेंज, लॉन्च डेट और कीमत
  • KTM Electric Duke आने वाला है, 150km Range और ₹2 लाख की Budget Price में
  • 627km रेंज! Tata Harrier EV ने तोड़े सभी रिकॉर्ड – Tesla को भी पीछे छोड़ा
  • Online SIR Form: EU/SIR फॉर्म घर बैठे कैसे भरें? (पूरी जानकारी)
  • Tesla ने ठुकराया तो Modi सरकार ने लॉन्च की नई EV Policy – जानें क्या है खास
  • MINI Cooper SE Electric 7.3 सेकंड में 0-100! 53 लाख में मिल रही है 270km रेंज!

ब्लॉग टॉपिक

© 2016–2025 · IN HINDI HELP

  • Best Hindi Blog
  • About
  • Privacy Policy
  • Sitemap